ALL Samvida Employees Good News: सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से राजस्थान सरकार को एक बहुत ही बड़ा झटका दिया है और सर्व शिक्षा अभियान के तहत संविदा कर्मचारियों के समायोजन का पूरी तरह से रास्ता भी साफ कर दिया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से राजस्थान सरकार और राजस्थान काउंसलिंग फॉर एलिमेंट्री एजुकेशन की जो ययाचिका है इसको खारिज कर दिया जिसमें राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को भी यहां पर चुनौती दिया गया था जिसमें सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों की नियुक्तिकरण का आदेश भी दिया गया था।
इस ऐतिहासिक फैसले से लगभग 748 संविदा कर्मचारियों को रोजगार स्थिरता और समान अधिकार मिलने के यहां पर उम्मीद जताई जा रही नवरात्रि के पहले इस सौगात के बाद संविदा कर्मचारियों को काफी लंबे समय से रुकी हुई उनकी नौकरी का भविष्य अब बेहतरीन काफी नजर आ रहा है। आप सभी की जानकारी के लिए बता देते हैं। अमृता सर्व राजस्थान हाई कोर्ट ने लोक जुंबिश परिषद के तहत काम कर चुके जितने भी संविदा कर्मचारी हैं उनके पक्ष में फैसला सुनाया गया पूरी जानकारी बताई गई है।
Samvida Employees Latest News Today
हाई कोर्ट के माध्यम से कहा गया है कि यह कर्मचारी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान भी दे रहे हैं और उन्हें सर्व शिक्षा अभियान में समायोजित करने का पूरा हक भी है। इसके खिलाफ राजस्थान सरकार के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका स्वीकार किया गया था। सरकार यह पक्ष था यह कर्मचारी प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए बढ़ाते हुए थे इसलिए उन्हें सीधे समायोजन का बिल्कुल भी अधिकार नहीं है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए सरकार की दलील को खारिज भी कर दिया है।
न्यायमूर्ति जीके माहेश्वरी वाली पीठ की ने दोनों पक्षो की दलीलों को सुना और राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा के माध्यम से पैरवी की। जबकि कर्मचारियों की ओर से जितिन चतुर्वेदी ने यहां पक्ष रखा कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के बाद फैसला भी सुनाया कि हाई कोर्ट का जो आदेश पूरी तरह से जायज है। इस फैसले ने कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे सेवानिवृत्ति के कारण सपने को हकीकत में अब बदल दिया है इसके अलावा अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा के आधार पर अब राज्य सरकार के पास दो रास्ते है या तो वह इस फैसले को लागू करें और कर्मचारियों को सम्मिलित करें आपकी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करें।
