BED Latest News: सरकारी से लेकर प्राइवेट स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए जो बीएड डिग्री की मांग किया जाता है इसके बाद स्नातक के लिए छात्रों को कोर्स करना पड़ता है। नई शिक्षा नीति के आधार पर B.Ed कोर्स की जो मान्यता खत्म करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया जा रहा है। बीएड डिग्री की जगह अब नया कोर्स भी लॉन्च किया जाने वाला है। कई बड़ी यूनिवर्सिटी में यह कोई भी कोई तरीके से शुरू हो गया है। B.Ed का पूरा नाम है बैचलर आफ एजुकेशन और यह प्रोफेशनल ग्रैजुएट प्रोग्राम है टीचिंग के सेक्टर में करियर बनाने की इच्छुक छात्रों को यह कोर्स स्नातक के बाद करना पड़ता है।
बता दे इस कोर्स में पढ़ाने का जो तरीका है और स्पेशल सब्जेक्ट की डिटेल नॉलेज होती है। नई शिक्षा नीति में अब इस कोर्स को बंद करने का महत्वपूर्ण फैसला भी लिया जा रहा है। टीचिंग सेक्टर को बेहतर बनाने हेतु नई शिक्षा नीति के तहत B.Ed की जगह नया इंटीग्रेटेड प्रोग्राम लॉन्च किया गया है इस कोर्स का नाम इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम है इस नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन यानी की ओर से तैयार किया गया है इसे हायर एजुकेशन सिस्टम में भी यहां पर सम्मिलित किया जाने वाला है।
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नई शिक्षा नीति के आधार पर इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम कोर्स को स्कूल संरचना के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें शिक्षकों को बुनियादी प्रारंभिक मध्य और माध्यमिक कक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। आईटीईपी कोर्स 4 वर्ष अधिकतम 4 वर्ष का होता है। इसमें एडमिशन आप आसानी से ले सकते हैं इसे बिल्कुल अलग कोर्स बताया जा रहा है आईटीईपी कोर्स कई बड़ी यूनिवर्सिटी में शुरू भी कर दिया गया है इस वर्ष 2023 में ही दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज में शुरू किया गया है।
अगर आप प्राथमिक में शिक्षक बनना चाहते हैं तो आपको बता देते हैं भविष्य में शिक्षक बनने के लिए आप बीए कोर्स करने की बजाय आप आईटीईपी के माध्यम से बीएड कोर्स कर पाएंगे और ITEP के माध्यम से जो आप कोर्स करेंगे इसके माध्यम से प्राथमिक विद्यालय में आसानी से सम्मिलित भी हो जाएंगे यह अपडेट समस्त अभ्यर्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि जितने भी बीएड करना चाहते हैं उन अभ्यार्थियों को आगे चलकर प्राथमिक में भी बड़ा अवसर मिलने वाला है।
बीएड अभ्यर्थियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से 11 अगस्त 2023 को एक आदेश पारित किया था। इस आदेश के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा था कि बीएड अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए बिल्कुल भी योग्य नहीं है। क्योंकि उन्हें पेडागाजिकल तौर पर शिक्षा प्रदान ही ट्रेनिंग प्रधान ही नहीं किया जाता है। जिस वजह से वह बच्चों को नहीं पढा पाएंगे। इस वजह से बीएड को प्राथमिक से अमान्य कर दिया गया है प्राथमिक में सिर्फ डीएलएड और बीटीसी अभ्यर्थी मान्य है।
