Contract Employees Latest News: संविदा कर्मियों के हित में हाईकोर्ट के माध्यम से आदेश दे दिया गया और फैसला भी सुना दिया गया है। इस फैसले के आधार पर जितने भी संविदा कर्मी है उन्हें स्थाई कर्मचारियों के समान वेतन दिए जाने और सुविधा दिए जाने का आदेश पारित किया है। राजस्थान में संविदा कर्मियों को नियमित किये जाने को लेकर काफी लंबे समय से एक महत्वपूर्ण यह मुद्दा बना है जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 19 मार्च को ही नया फैसला सुना दिया है।
इस फैसले के आधार पर संविदा कर्मियों को नियमित करने को लेकर पूरी उम्मीदें बढ़ चुकी हैं। भारत सरकार के सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान के सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्तमान में कार्यरत संविदा कर्मियों के पक्ष में यह नया फैसला सुनाया गया है जिसके तहत अब उसे आदेश को यहां पर बरकरार रखा गया जिसमें इन कर्मचारियों के निमित्त करने का पूरी तरह से स्पष्ट निर्देश भी दिया था। अब इससे यहां पर या स्पष्ट होता है कि कार्यरत सैकड़ो संविदा कर्मियों स्थाई कर्मचारियों के समान वेतन व सेवाओं का लाभ भी प्राप्त कर पाएंगे।
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इस फैसले में सबसे महत्वपूर्ण बात के बारे में बात कर लिया जाए तो सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के उसे विशेष याचिका को यहां पर खारिज किया है। जिसमें उच्च न्यायालय के आदेश में पर चुनौती दिया गया था एवं न्यायालय ने यह भी माना है कि लंबे समय तक संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए इससे संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा बढ़ेगी तथा साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार भी देखने को मिलेगा।
आपको बता दिया जाता है हाई कोर्ट केस फैसले के बाद सरकार पर कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ेगा। सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। क्योंकि नियमित कर्मचारियों को स्थाई कर्मचारियों के जैसे ही वेतन में भत्ता दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने हेतु जितने भी प्रशासनिक कार्य हैं इसमें समस्याएं का सामना भी करना पड़ेगा। राजस्थान सरकार के माध्यम से संविदा कर्मियों को राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल 2022 नामक एक गणित का यहां पर ढांचा भी तैयार किया गया था।
वर्तमान समय में राजस्थान में संविदा कर्मियों के बारे में बात कर लिया जाए तो 62401 पर वर्तमान में रिक्त है। राज्य सरकार के माध्यम से चार वर्ष पहले 2022 के रूल के आधार पर 12527 नए पदों को सृजित किया था। लेकिन अब तक केवल 4126 पदों पर ही यहां पर नियुक्तियां प्रदान किया गया है। इसके साथ ही इस नियम के तहत यह भी बताया गया है कि ऐसे संविदा कर्मी जो कि वर्षों से राज्य सरकार से सीधा वेतन प्राप्त कर रहे हैं उन सभी को पात्र मानते हुए सरकार अब नियमित करें कुल मिलाकर नियमित करण का रास्ता साफ हो चुका है।
